Tribute Dr. Manmohan Singh Ji

Here’s a tribute to the Revered Soul Dr. Manmohan Singh Ji

 

भारत को निराशाओं के गर्त से उबार कर उपलब्धियों के आसमान तक पहुंचाने के सूत्रधार रहे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डा० मनमोहन सिंह जी का दि० 26. 12. 2024 को अनन्त में विलीन हो गए ।

poetry.bishtedition.com डा० मनमोहन सिंह जी को श्रद्धांजलि स्वरूप शब्द सुमन अर्पित करता है 🙏🌹🌼💐

 

खिलाफ हवाओं का रुख मोड़ आया हूं

कामयाबियों का एक सुरूर छोड़ आया हूं

साजिशें बहुत हुई मेरे कदमों को रोकने की

मगर मैं साजिशों का गुरुर तोड़ आया हूं

 

भंवर से कश्ती निकालने का हुनर जानने वाले

गर्दिशों के खिलाफ जंग ठानने वाले

जमीं से उठकर आसमां की बुलन्दियां छूते हैं

मुश्किलों को तरक्की का रहबर मानने वाले

 

हालात से लड़ा था वो

तूफ़ान में अड़ा था वो

था द्वन्द आर पार का

जमीन पर खड़ा था वो

 

जब निराशाएं अनन्त थीं

समस्याएं ज्वलंत थीं

वह धैर्य से डिगा नहीं

जब चुनौतियां पर्यन्त थीं

 

परिस्थितियां कितनी प्रतिकूल रहीं

चुभती बन कर वे शूल रहीं

पर दृष्टि लक्ष्य पर लगी रही

नैतिक बल की शक्ति मूल रही

 

दुष्प्रचार का वह शिकार हुआ

मनमोहन को ना तनिक विकार हुआ

विषवमन पर आमादा मीडिया था पर

सिर ऊंचा कर खड़ा सरदार रहा

President Barack Obama meets with Prime Minister Manmohan Singh 

निन्दक का ऊंचा स्वर रहा

अग्नि में सोना निखर रहा

संशय का ब्याल सरीखा मेघ

तिनका तिनका बिखर रहा

 

शालीनता का वह शिखर रहा

प्रतिभाओं में वह प्रखर रहा

उसने प्रलाप नही प्रयास किए

वह मौन हो कर भी मुखर रहा

 

शून्य की गहराइयों से

अनन्त के आकाश तक

निराशा के अंधकार से

आशाओं के प्रकाश तक

संभावनाओं का सूत्रधार था

निराशाओं पर प्रहार था

अडिग अचल मन से प्रबल

वह सरदार असरदार था

 

 (26 Sep 1932 – 26 Dec 2024)

🌼

भावभीनी श्रद्धांजलि 🙏

2 thoughts on “Tribute Dr. Manmohan Singh Ji”

  1. रत्नाकर दुबे

    डॉ मनमोहन सिंह के मनमोहक व्यक्तित्व को व्याख्यायित करती मनभावन कविता के लिए आपका आकाश भर साधुवाद। उन्होंने शत-प्रतिशत प्रलाप के विलापी वातावरण में प्रयास को चुना।वह सरदार सच में असरदार था। विनम्र आदरांजलि अर्पित

    1. सरदार मनमोहन सिंह जैसे धैर्यवान नायक व्यक्तित्व के साथ भारतीय मीडिया का व्यवहार अत्यंत खेदजनक रहा । यह उनकी सहृदयता ही थी कि उन्होंने ऐसा होने दिया अन्यथा अभी के परिप्रेक्ष्य में प्रधानमन्त्री को टारगेट बना कर की गई कोई छोटी सी टिप्पणी भी टिप्पणीकर्त्ता के कैरियर के लिए संकट का कारण बन सकती है।
      खैर, महान और उदार लोग अक्सर विष वमन करने वाले षडयन्त्रकारियों के शिकार होते रहे हैं

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