Poetry

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अद्भुत यह महाकुम्भ है

अद्भुत यह महाकुम्भ है   सरस्वती यमुना गंग संग धर्म के सब राग रंग सब मिल गए हैं कुम्भ में आस्थाओं के प्रसंग में   जप तप और दान का आस्था के सम्मान का कुम्भ का परिक्षेत्र है ईश्वर के विधान का   आस्था का स्नान है ईश्वर में अंतर्ध्यान है मनुष्यों का महासमुद्र है […]

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मैं कोहरा हूं

मैं कोहरा हूं   काली घटाओं का सफेद चेहरा हूं चमकते सूरज पर लगा सख़्त पहरा हूं जब मैं होता हूं तो फिर बस मैं ही मैं होता हूं आंखो पर छा जाने वाला रंग सुनहरा हूं   जब मैं अपनी पर आ जाता हूं संपूर्ण क्षितिज पर छा जाता हूं दृश्य शून्यता से आवागमन

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