Tribute to Mahatma Gandhi राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि Leave a Comment / Blog, Kavita, Poetic Tribute, Poetry, Positive Vibes, Uncategorized / By Vijay Bisht पत्थर की एक लकीर हूं मैं अधनंगा फ़कीर हूं लुटी पिटी आवाम की मैं आख़िरी जागीर हूं अहिंसा का सिद्धांत हूं एकांत मैं नितांत हूं वे विवश हैं मेरे साथ को भले ही मैं देहान्त हूं टूटा हुआ संकल्प हूं आखिरी विकल्प हूं जरूरतें अथाह हैं मैं न्यून हूं मैं अल्प हूं मैं शून्य में चुपचाप हूं एकांत वार्तालाप हूं मैं राख में विलीन हूं मैं एक पश्चाताप हूं विवश हूं मैं मौन हूं पूरा नही मैं पौन हूं अनभिज्ञ मुझसे क्यों हुए पूछो जरा मैं कौन हूं बीता हुआ अतीत हूं पूरा ही मैं व्यतीत हूं अब कहां अस्तित्व में मैं पूर्ण कालातीत हूं चिंता भरा ललाट हूं शांति की अंतिम बाट हूं हूं विवश और मौन भी मजबूरियों का राजघाट हूं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि 🙏🙏🙏
जब मैं कलम उठाता हूं (Jab Main Kalam Uthata Hun) Leave a Comment / Blog, Kavita, Poetic Vibes, Poetry / By Vijay Bisht